अफगानिस्तान में आत्मघाती कार बम हमले में 4 की मौत- 40 घायल, इससे पहले काबुल यूनिवर्सिटी हमले में गई थी 25 की जान

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किसी भी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। हालाँकि, ये माना जा रहा है कि इस हमले को तालिबान ने अंजाम दिया है। तालिबान एवं अफगानिस्तान सरकार के बीच कतर में शांति वार्ता के बावजूद हाल के महीनों में देश में हिंसा बढ़ गई है ।

अफगानिस्तान में शांति बहाली को लेकर अफगान सरकार और तालिबान के बीच लगातार वार्ता का दौर जारी है। लेकिन इसके बावजूद हमले थम नहीं रहे हैं। अफगानिस्तान के अलग-अलग हिस्सों में हर दिन आतंकी हमलों को अंजाम दिया जा रहा है। ताजा घटना दक्षिणी कंधार प्रांत में एक पुलिस ठिकाने पर आत्मघाती कार बम धमाके को अंजाम दिया गया है।

इस कार बम धमाके में 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि 40 अन्य घायल हो गए है। एक प्रांतीय अधिकारी ने सोमवार (नवंबर 9, 2020) को जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस ठिकाने को निशाना बनाकर हमला किया गया।

कंधार के जनस्वास्थ्य विभाग के प्रांतीय निदेशक मोहम्मद अशरफ नादरी ने जानकारी देते हुए बताया है कि मैवांद जिले में रविवार (नवंबर 8, 2020) देर रात यह हमला हुआ है। इस धमाके से मकान ध्वस्त हो गया। चिकित्सा कर्मी ध्वस्त मकान के मलबे में फँसे लोगों को निकालने में जुटे हुए हैं। अशरफ नादिर के अनुसार, घायलों में सैनिक एवं आम लोग भी शामिल हैं।

फिलहाल, किसी भी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। हालाँकि, ये माना जा रहा है कि इस हमले को तालिबान ने अंजाम दिया है। तालिबान एवं अफगानिस्तान सरकार के बीच कतर में शांति वार्ता के बावजूद हाल के महीनों में देश में हिंसा बढ़ गई है ।

गौरतलब है कि इससे पहले अफगानिस्तान के काबुल विश्वविद्यालय में सोमवार (नवंबर 02, 2020) को हुए आतंकी हमले में कम से कम 25 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 40 से अधिक लोग घायल बताए गए। काबुल विश्वविद्यालय के पास गोलाबारी तब हुई जब अफगान और ईरानी अधिकारी विश्वविद्यालय में एक पुस्तक प्रदर्शनी का उद्घाटन कर रहे थे। अफगानिस्तान के आंतरिक मामलों के मंत्रालय के प्रवक्ता तारिक एरियन ने पुष्टि की कि बंदूकधारियों के एक समूह ने काबुल विश्वविद्यालय के परिसर में गोलीबारी की थी।

एक चश्मदीद ने बताया था कि हमलावरों ने काबुल विश्वविद्यालय में एक क्लास में प्रवेश किया और छात्रों पर गोलियाँ चलाईं। जिसके कारण क्लास में मौजूद कई छात्र या तो मारे गए या घायल हो गए। पूरे विश्वविद्यालय परिसर को सुरक्षाबलों ने खाली करा लिया था। आतंकियों की धड़पकड़ के लिए बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों को तैनात किया गया था।

पिछले साल इस यूनिवर्सिटी के गेट पर बम विस्फोट में आठ लोगों की जान चली गई थी। वर्ष 2016 में बंदूकधारियों ने काबुल स्थित अमेरिकी यूनिवर्सिटी पर हमला किया था और 13 लोगों को मार डाला था।

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