भारतीय मूल की महिला कमला हैरिस,अब अमेरिकी उप राष्ट्रपति बनने के बहुत पास..

TREANDING

जिस तरह के अमेरिकी चुनावों (US President Election) की नतीजे आ रहे हैं, उससे लगता है कि डेमोक्रेटिक पार्टी (Democratic Party) के जो बाइडन राष्ट्रपति पद पर जीत हासिल करने जा रहे हैं. अगर ऐसा हुआ तो पहली बार अमेरिका की उप राष्ट्रपति एक महिला बनेगी और वो होंगी कमला हैरिस (Kamala Harris) . ये भी पहली बार होगा जब भारतीय मूल का कोई शख्स अमेरिका का उपराष्ट्रपति बनेगा. ये बहुत बड़ी उपलब्धि है.

कमला हैरिस (Kamala Harris) को डेमोक्रेटिक पार्टी ने अमेरिकी चुनावों (US President Election) में उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया था. वो भारतीय मूल की हैं. वो चेन्नई में रहने वाले अपने नाना से प्रभावित रही हैं. काफी हद तक उनके विचारों पर नाना और मां की झलक भी है.

कमला हैरिस खुद को आधी भारतीय मानती रही हैं. उन्हें ये कहलाने में कभी कोई हिचक नहीं हुई कि उनकी जडे़ं भारत में हैं. वो मसाला डोसा और इडली पसंद करती हैं. वो लगातार भारत आती रही हैं और उनके तमाम नजदीकी रिश्तेदार भारत में रहते हैं.

यूं तो अमेरिकी राजनीति में अब कई भारतीय जगह बना चुके हैं. कुछ हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव्स के लिए चुने गए तो कुछ सीनेट के लिए चुने जा चुके हैं. इस बार भी चार भारतीयों ने अमेरिकी चुनाव में जीत हासिल की है.कमला कैलिफ़ोर्निया की अटॉर्नी जनरल रह चुकी हैं. वो पुलिस सुधार की बहुत बड़ी समर्थक हैं. डेमोक्रेटिक पार्टी से राष्ट्रपति का चुनाव लड़ रहे बाइडन ने उन्हें, ‘बहादुर योद्धा और अमेरिका के सबसे बेहतरीन नौकरशाहों में एक’ क़रार दिया.

kamala with grand parants

1972 में चेन्नई में अपने नाना-नानी, मां और छोटी बहन के साथ

कमला हैरिस के नाना चेन्नई के ब्राह्मण परिवार से ताल्लुक रखते थे. उनका नाम पीवी गोपालन था. वो भारतीय लोक सेवा में अधिकारी थे. उन्होंने ज़ाम्बिया में भी सरकार के लिए सेवाएं दी थीं. गोपालन की बड़ी बेटी श्यामला अमेरिका में पढ़ाई के लिए गई थीं. कमला उन्हीं श्यामला की बेटी हैं.

कमला को भारतीय मूल का होने का गर्व
कमला हैरिस की मां श्यामला कैंसर के क्षेत्र में वैज्ञानिक थीं. पिता डोनाल्ड हैरिस जमैकन थे. कमला का जन्म अमेरिका में हुआ. हालांकि बाद में माता-पिता में तलाक हो गया. परिवार में हमेशा भारतीय संस्कारों की प्रधानता रही. ये संस्कार कमला में भी गहरे तक आए. कमला आमतौर पर खुद के भारतीय मूल का होने के कारण गर्व करती हैं. उन्होंने इसे कभी छिपाने की कोशिश नहीं की.

नाना स्टेनोग्राफर से बड़े पद तक पहुंचे
कमला ने 2019 के अपने एक मेमोइर ‘द ट्रुथ्स वी होल्ड’ में अपने बचपन की यादें साझा करते हुए लिखा है कि उनके नाना गोपालन स्टेनोग्राफर से बड़े ओहदों तक पहुंचे थे. वह स्वतंत्रता संग्राम में जुड़े थे लेकिन खुलकर नहीं. वह नौकरी में रहते हुए जो कर सकते थे, करते थे. मद्रास के बाद दिल्ली, बंबई और कलकत्ता तक में रहकर उन्होंने सेवाएं दीं.

कमला हैरिस और उनके पति डग इमहॉफ

कमला के मुताबिक उनके नाना गोपालन एक ज़िंदादिल और तरक्कीपसंद व्यक्ति थे, जिन्होंने बच्चों को ताश का खेल पोकर भी सिखाया और नानी से छुपकर मन मुताबिक खाना भी, भले ही वह शाकाहार न हो. कमला ने एक इंटरव्यू में कहा था ‘मेरे नाना दुनिया में मेरे सबसे पसंदीदा व्यक्तित्वों में रहे हैं’.
कमला जब 4 से 5 साल की बच्ची थीं, तब उनके पैरेंट्स कुछ समय के लिए ज़ाम्बिया शिफ्ट हुए थे, जहां कमला के नाना गोपालन भी उस वक्त पोस्टेड थे. नाना के साथ उस समय की यादों को भी कमला जीवन के शुरूआती सबक के तौर पर देखती हैं.

कमला की मां ने विदेश में जाकर उच्च शिक्षा ली थी
कमला की मां श्यामला ने अपनी मर्ज़ी से 1960 के दशक में जमैका निवासी डोनाल्ड से शादी की थी. परिवार की नाराज़गी इस बात से नहीं थी कि किसी अफ्रीकी से शादी की बल्कि इसलिए रही थी कि परिवार को इस बारे में पहले बताया नहीं गया. श्यामला उस समय उन बेहद कम भारतीय महिलाओं में थीं, जो विदेश जाकर उच्च शिक्षित थीं और अपने फैसले खुद लिया करती थीं.

कमला के मामा बालचंद्रन के हवाले से एलए टाइम्स ने जो रिपोर्ट छापी है, उसके मुताबिक श्यामला पर अपने पिता गोपालन के व्यक्तित्व और मूल्यों का बड़ा प्रभाव था और वही श्यामला से कमला को भी मिला. श्यामला कुशल गायिका थीं और कम उम्र से ही रेडियो पर गाती थीं. उस वक्त उन्हें मिलने वाले रुपये गोपालन श्यामला को ही रखने को कहते थे. अमेरिका में पढ़ाई के दौरान उसके बाद 1960 के दशक में श्यामला ‘काले’ लोगों के अधिकारों से जुड़े आंदोलनों में सक्रिय रहीं और समानता के लिए लड़ती रहीं.

कमला हैरिस ने पहले डेमोक्रेटिक पार्टी में राष्ट्रपति पद के लिए अपना अभियान शुरू किया लेकिन इसमें जो बाइडन बाजी मार ले गए. इसके बाद बाइडन ने उन्हें उप राष्ट्रपति पद का प्रत्याशी घोषित किया.

तब पिता और मां हो गया था अलगाव
कमला जब पाँच साल की थीं तो उनकी मां श्यामला गोपालन और पिता डोनाल्ड हैरिस अलग हो गए. कमला और उनकी बहन की परवरिश उनकी सिंगल हिंदू मदर ने ही की. कैंसर रिसर्चर और मानवाधिकार कार्यकर्ता श्यामला और उनकी दोनों बेटियों को ” श्यामला एंड द गर्ल्स” के नाम से जाना जाता है. कमला की मां ने सुनिश्चित किया कि उनकी दोनों बेटियां अपनी पृष्ठभूमि को अच्छी तरह जानते हुए बड़ी हों.

कमला अपनी आत्मकथा में लिखती हैं. “मेरी मां यह अच्छी तरह जानती थीं कि वह दो ब्लैक बेटियों को बड़ी कर रही हैं. उन्हें पता था कि उन्होंने जिस देश को रहने के लिए चुना है वह माया और मुझे ब्लैक लड़कियों के तौर पर ही देखेगा. लेकिन वह इस बात को लेकर दृढ़ थीं कि वह अपने बेटियों की परवरिश इस तरह करेंगी कि वे आत्मविश्वासी ब्लैक महिला के तौर पर दुनिया के सामने आएं.”

वॉशिंगटन पोस्ट ने पिछले साल लिखा, “हैरिस अपनी भारतीय संस्कृति के साथ पलती हुई बड़ी हुई हैं, लेकिन वह बड़े ही शान से अपनी अफ्ऱीकी-अमरीकी ज़िंदगी जीती हैं.”

कमला मां के साथ अक्सर भारत आती थीं
1970 के दशक में जब श्यामला का तलाक हुआ, तब वो अपनी दोनों बेटियों कमला और माया को अक्सर भारत लेकर आया करती थीं. 1964 में जन्मीं कमला अपने बचपन में नाना के रिटायर दोस्तों के साथ टहलने के वक्त साथ रहा करती थीं और लोकतंत्र की बहाली और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई को लेकर उस वक्त प्रोग्रेसिव विचार सुना करती थीं. कमला के अनुसार उनके नाना नागरिक अधिकारों के ज़बरदस्त हिमायती थे और समानता और सम्मान की लड़ाई के लिए वकालत करते थे.

कमला हैरिस अपनी मां के साथ पहले अक्सर भारत आया करती थीं.

कमला का ननिहाल उच्च शिक्षित और प्रगतिशील था
कमला के भारत में रहने वाले मामा बालचंद्रन अमेरिका से उच्च शिक्षित होने के बाद भारत में ही शिक्षा से जुड़े रहे. बालचंद्रन ने एक मैक्सिकन महिला से शादी की. कमला की एक मौसी सरला प्रसूतिविज्ञान में दक्ष रहीं और जीवन भर अपनी मर्ज़ी से अविवाहित रहीं. एक और मौसी महालक्ष्मी कनाडा में सूचना वैज्ञानिक रहीं. कमला कहती हैं कि बढ़ती उम्र में वो अपने खानदान में सभी को देखकर महसूस करती थीं कि कोई भी पारंपरिक विचारों का नहीं था. 50 साल की उम्र में 2014 में शादी करने वाली कमला के मुताबिक-

जब आप एक परिवार में पलते बढ़ते हैं तो उम्र के साथ आपको एहसास होता है कि आपका परिवार कितना अलग हो सकता था. लेकिन मेरे साथ यह अलग होना ही सामान्य बात रही थी. जैसे जैसे मैं परिपक्व होती गई, मुझे महसूस होता गया कि सभी कितने पहले किस कदर प्रोग्रेसिव लोग थे.

चर्च भी जाती हैं और मंदिर भी
नाना, मां और मां की तरफ के पूरे ​परिवार से कमला को मूल्य और विचार बचपन से मिले. इसके अलावा अमेरिका में रहते हुए वह एक साथ चर्च और मंदिर दोनों में श्रद्धापूर्वक जाते हुए बढ़ी हुईं. धर्म, जाति और नस्ल से उठकर समानता और सबके सम्मान की बात करना, समझा जा सकता है कि कमला की शख्सियत का हिस्सा प्राकृतिक रूप से रहा है.

कमला का मतलब
कमला कहती हैं, ” मेरे नाम का मतलब है ‘कमल का फूल’. भारतीय संस्कृति में इसकी काफ़ी अहमियत है. कमल का पौधा पानी के नीचे होता है. फूल पानी के सतह से ऊपर खिलता है. जड़ें नदी तल से मज़बूती से जुड़ी होती हैं.”

harris sisters

कमला और उनकी बहन माया ऐसे घर में बड़ी हुईं जो ब्लैक अमेरिकी कलाकारों के संगीत से गूंजता रहता था.

साझा विरासत पर गर्व
कमला और उनकी बहन माया ऐसे घर में बड़ी हुईं जो ब्लैक अमेरिकी कलाकारों के संगीत से गूंजता रहता था. उनकी मां एरेथा फ्रैंकलिन की ‘अर्ली गोस्पेल’ गुनगुनाती रहती थीं और स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में अर्थशास्त्र पढ़ाने वाले पिता जैज के दीवाने थे. उनके टर्नटेबल पर थेलोनियस मॉन्क और जॉन कोल्ट्रेन के रिकार्ड बजते रहते थे.

वर्ष 2015 में वो सीनेट के लिए चुनी गईं. उन्होंने राष्ट्रपति पद के लिए अपने अभियान की शुरुआत की थी लेकिन पार्टी में प्रेसीडेंट नोमिनेशन की बाजी जो बाइडन के हाथ लगी. बाद में बाइडन ने ही उन्हें उप राष्ट्रपति पद के लिए आगे किया. वो उनके काम से बहुत प्रभावित हैं.

कमला के पति
कमला हैरिस ने 2014 में वकील डगलस एम्पहॉफ से शादी की. इसमें उन्होंने भारतीय और यहूदी दोनों परंराएं निभाईं. कमला ने डगलस को फूलों की माला पहनाई, जबकि डगलस ने यहूदी परंपरा के तहत पैर से कांच तोड़ी. कमला तीन किताबें लिख चुकी हैं, जिसमें दो नान फिक्शन और एक बच्चों की किताब है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *