अर्नब ने कहा- “मुझे बहुत मारा गया” अब जनता आवाज उठाएगी, और जनता ही जीतेगी

TREANDING

रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी को बुधवार सुबह बिना समन जबरन गिरफ्तार कर लिया गया। कुछ पुलिस अधिकारी उनके आवास पर पहुंचे और बिना किसी दस्तावेज के, उनके घर के अंदर घुसकर उनके साथ मारपीट की। इसके बाद मुंबई पुलिस ने उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना के एक पुराने केस में गिरफ्तार कर लिया जो बंद हो चुका था और अपने साथ अलीबाग ले गई।

अब अलीबाग पुलिस स्टेशन के बाहर की तस्वीरें सामने आई हैं जिनमें अर्नब गोस्वामी विक्ट्री साइन दिखाते नजर आए। पुलिस उन्हें कोर्ट लेकर जा रही है। जब अर्नब को पुलिस वैन में बिठाया जा रहा था, तब उन्होंने खिड़की से अपने साथ हुई बदसलूकी के बारे में बताया और जनता से उनके लिए आवाज उठाने की अपील की। साथ ही उन्होंने महाराष्ट्र सरकार और मुंबई के पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह को भी करारा जवाब दिया।

उनके मुताबिक, “उद्धव ठाकरे और परमबीर सिंह कुछ नहीं कर सकते। जनता सब देख रही है। मुझे बहुत मारा गया, मेरे साथ बहुत यातना की गई लेकिन जनता आवाज उठाएगी। जनता जीतेगी। उनसे मेरी अपील है कि आवाज उठाएं।”

अर्नब के वकील का बयान

अर्नब के वकील ने बताया कि “उनके हाथ में पहले से चोट लगी हुई थी जिसका बैंड-एड पुलिस ने हटा दिया। उनकी गिरफ्तारी के बारे में उनकी पत्नी को सूचना नहीं दी गई थी लेकिन उनके अरेस्ट पंचनामा में लिखा है कि उन्हें बताया गया था। उन्हें बेल्ट से खींचा गया और उनकी पीठ पर मारा जिससे उन्हें चोट आई है। उन्होंने भारत के नागरिकों से इस मामले में उनका समर्थन करने की अपील की है।”

 

बता दें कि इस पूरी घटना का वीडियो सामने आया है जिसमें स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है कि कैसे पुलिस अर्नब को कॉलर से पकड़कर जबरदस्ती अपने साथ ले जा रही है। अर्नब के साथ मारपीट भी की गई। जब अर्नब ने कहा कि उन्हें अपने वकील से बात करनी है तो उनकी एक ना सुनी गई। साथ ही एक पुलिसकर्मी ने उनसे कहा कि ‘अगर वह उनके साथ सहयोग नहीं करते हैं तो उनके लिए ही मुश्किलें खड़ी हो जाएंगी।’ अर्नब को धमकाया गया।

साथ ही अर्नब की पत्नी और सीनियर एग्जीक्यूटिव एडिटर सम्यब्रता रे गोस्वामी को भी किसी कागज पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया गया। उनके बेटे के साथ भी दुर्व्यवहार हुआ। जब अर्नब ने पूछा कि किन आरोपों के तहत उन्हें ले जाया जा रहा है तो पुलिस ने कहा कि उन्होंने लिखित में दे दिया जाएगा। अर्नब कहते रहे कि उनकी तबियत ठीक नहीं है और उन्हें दवा चाहिए लेकिन उन्हें दवा नहीं लेने दी गई और उन्हें जबरदस्ती अपने साथ ले गई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *