राजस्थान: सैलरी माँगने पर दलित सेल्समैन को शराब ठेकेदारों ने ‘डीप फ्रीजर में डाल ज़िंदा जलाया”

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राजस्थान में हिंसा की घटनाएँ थमने का नाम ही नहीं ले रही हैं। अलवर के कुमपुर गाँव से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ शनिवार (अक्टूबर 24, 2020) को एक सेल्समैन की शराब का ठेका चलाने वाले ने सिर्फ इसीलिए हत्या कर दी, क्योंकि वो सैलरी माँग रहा था। उक्त सेल्समैन को डीप फ्रीजर में डाल कर जिंदा ही जला डाला गया। उसका अपराध ये था कि उसने अपनी पाँच महीने से रोकी हुई सैलरी की माँग की थी। राजस्थान की इस घटना को लेकर सत्ताधारी कॉन्ग्रेस नेता चुप हैं।

थानाधिकारी द्वारा सिंह ने जानकारी दी है कि झाड़का निवासी रमेशचंद्र के पुत्र रूप सिंह धानका ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनका भाई 23 वर्षीय कमल किशोर शराब ठेका संचालक राकेश यादव और सुभाषचंद के यहाँ काम करता था। कुमपुर-भगेड़ी मोड़ पर एक कंटेनर में इस ठेके को चलाया जा रहा था। ठेकेदार ने कमल किशोर को 5 महीने से सैलरी नहीं दी थी। माँगने पर उससे मारपीट की जाती थी और उसे धमकाया जाता था।

दोनों ठेकेदार माछरोली के निवासी हैं। शनिवार की शाम ये दोनों कमल किशोर के घर आए और उसे ले गए। जब कमल पूरी रात घर नहीं आया तो परिवार वालों को लगा कि वो ठेकेदारों के साथ कहीं गया होगा। इसके अगले दिन मिली कि कुमपुर शराब ठेके में आग लग गई है। पुलिस ने परिजनों के साथ घटनास्थल पर पहुँच कर लोहे के कंटेनर को खुलवाया। अंदर कमल किशोर का शो डीप फ्रीजर में बैठी हुई अवस्था में मिला, जो पूरी तरह जल चुका था।

आरोप है कि ठेकेदार राकेश और सुभाष ने पेट्रोल डाल कर कमल को ज़िंदा जलाया और फिर कंटेनर को भी आग के हवाले कर दिया। परिजनों की शिकायत के बाद भेड़टा श्योपुर निवासी सुभाष यादव और फातियाबाद निवासी राकेश यादव के खिलाफ हत्या के साथ-साथ एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपित राकेश की माँ सरपंच है। पुलिस ठेके के कागजात की जाँच-पड़ताल कर रही है।

इस ठेके को कंटेनर में चला कर आबकारी विभाग के नियम-कायदों की सरेआम धज्जियाँ उड़ाई जा रही थीं। नियमानुसार सीसीटीवी कैमरे भी नहीं फिट किए गए। तमाम मापदंडों के उल्लंघन के बावजूद विभाग सुषुप्त अवस्था में बैठा रहा, जिससे उस पर भी तमाम सवाल उठ रहे हैं। डीएसपी ने इस मामले को गंभीर संदिग्ध बताया है। परिजन न्याय की माँग करते हुए शव का पोस्टमॉर्टम न कराने की जिद पर अड़े थे, लेकिन प्रशासन के समझने के बाद वो मान गए।

‘आज तक’ की खबर के अनुसार, खैरथल थाने में एफआईआर नंबर 405/20 आईपीसी की धारा 302, 436, 120 बी व 3(2)(v) एससी-एसटी के तहत दर्ज की गई है। दोनों ठेकेदार फ़िलहाल फरार हैं। आरोप है कि दुकान में लाखों का माल जलने के बाद भी वो सामने नहीं आए और हत्या के आरोप के बाद भी पुलिस ने उनकी तलाश करने का प्रयास नहीं किया। दुकान की चाभी भी मृतक के पास ही मिली। प्रक्रिया के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया है।

कुछ ही दिनों पाहे राजस्थान में करौली जिले के बूकना गाँव में जमीन को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद में 50 वर्षीय पुजारी बाबूलाल वैष्णव को पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया गया था। बाबूलाल वैष्णव को गंभीर हालत में जयपुर के एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहाँ उन्होंने दम तोड़ दिया। इस बीच, राज्य के साधुओं ने मंदिर के पुजारी की हत्या के विरोध में सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया था। बाबूलाल गाँव के राधागोविंद मंदिर के प्रधान पुजारी थे।

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