अर्नव के पत्रकार को मुंबई पुलिस ने घेरा, उनके साथ मारपीट की और अवैध रूप से हिरासत में लिया: रिपब्लिक TV

NATIONAL

मुंबई पुलिस की बौखलाहट फिर सामने आई है। मुंबई पुलिस ने शनिवार (अक्टूबर 17, 2020) को रिपब्लिक टीवी के कंसलिटिंग एडिटर प्रदीप भंडारी को गैर कानूनी तरीके से हिरासत में लिया। रिपब्लिक टीवी का कहना है कि पुलिस ने कानून का पूरी तरह से उल्लंघन किया। प्रदीप भंडारी के पास अग्रिम जमानत था, इसके बावजूद उन्हें हिरासत में लिया गया। खबर है कि उनके जल्द ही गिरफ्तार होने की संभावना है।

मीडिया रिपोर्ट में बाताया जा रहा है कि प्रदीप भंडारी को वकील से मिलने से रोका गया। इतना ही नहीं, उनका फोन भी छीन लिया गया है। रिपब्लिक टीवी का कहना है कि 10-12 पुलिस ने प्रदीप को घेर लिया था और खार वेस्ट थाने में प्रदीप के साथ मारपीट भी की गई।

 

हाल ही में भंडारी के खिलाफ़ पुलिस थाने में आईपीसी की धारा 188 (लोक सेवक द्वारा विधिवत आदेश देने की अवज्ञा), 353 (लोक सेवक को अपने कर्तव्य के निर्वहन से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल का प्रयोग) और बॉम्बे पुलिस कानून की धारा 37 (1), 135 के तहत मामला दर्ज हुआ था। इसी के बाद उन्हें पूछताछ के लिए थाने में हाजिर होने को कहा गया था और प्रदीप भंडारी ने केस दर्ज होने के बाद मुंबई पुलिस कमिश्नर को निशाने पर लिया था।

 

इससे पहले मुंबई पुलिस ने एक बार फिर प्रदीप भंडारी को समन जारी कर किया था। उन्हें 22 अक्टूबर को 4 बजे तक कोर्ट में पेश होने को कहा गया था। प्रदीप भंडारी ने पुलिस कमिश्नर को उनके राजनीतिक आकाओं के इशारे पर काम करने और पुलिस की वर्दी का सम्मान नहीं करने के लिए फटकार लगाई थी और उनका इस्तीफा माँगा था। उन्होंने यह भी कहा कि मुंबई पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने के प्रयास में है, इसके लिए उनके खिलाफ गैर-जमानती धाराओं के तहत आरोप दायर करने की योजना बना रही है।

गौरतलब है कि 15 अक्टूबर को सुशांत सिंह मामले में रिपोर्टिंग करने वाले रिपब्लिक टीवी पत्रकार प्रदीप भंडारी की अग्रिम जमानत याचिका कोर्ट द्वारा स्वीकार की गई थी। इससे पहले उनके ख़िलाफ़ गैर जमानती धाराओं में मुंबई पुलिस ने समन जारी किया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *