महाराष्ट्र के गवर्नर का CM उद्धव को पत्र- ‘बार खुले हैं मंदिर बंद हैं, क्या आप धर्मनिरपेक्ष बन गए हैं?’

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बीजेपी कार्यकर्ताओं ने महाराष्ट्र में सभी धार्मिक स्थलों को फिर से खोलने की मांग करते हुए, उद्धव ठाकरे सरकार के खिलाफ मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों में से कई ने भारी पुलिस तैनाती और बैरिकेडिंग के बीच मंदिर में प्रवेश करने की कोशिश की लेकिन ऐसा कर नहीं सके। बाद में, मुंबई पुलिस ने इनमें से कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया और उन्हें पुलिस स्टेशन ले गई।

‘अहंकार से भरी हुई है सरकार’

बीजेपी नेता प्रसाद लाड ने कहा- “हम मांग कर रहे हैं कि हमें सिद्धिविनायक मंदिर में प्रवेश करने की अनुमति दी जानी चाहिए। अगर वे हमें प्रवेश नहीं देते हैं, तो हम मंदिर में जबर्दस्ती चले जाएंगे। यह एक अखिल महाराष्ट्र आंदोलन है क्योंकि हम चाहते हैं कि राज्य के सभी मंदिरों को जल्द से जल्द फिर से खोला जाना चाहिए।”

अन्य नेता प्रवीण दरेकर ने कहा- “शराब की दुकानों को होम डिलीवरी ऑप्शन के साथ खोला गया है। लेकिन उनके बारे में कौन सोचेगा जो अपनी मानसिक शांति के लिए मंदिर जाना चाहते हैं? सरकार उन छोटे व्यापारियों के बारे में नहीं सोच रही है जिनकी आजीविका मंदिरों पर निर्भर करती है। सरकार अहंकार से भरी हुई है। उद्धव ठाकरे के पास खुद के फैसले लेने की क्षमता नहीं है।”

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‘क्या आप अचानक धर्मनिरपेक्ष हो गए हैं?’

इस बीच, महाराष्ट्र के गवर्नर भगत सिंह कोश्यारी ने भी महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे को सभी पूजा स्थलों को फिर से खोलने के संबंध में एक पत्र लिखा है। अपने पत्र में राज्यपाल ने कहा, “यह विडंबना है कि एक तरफ राज्य सरकार ने बार, रेस्तरां और समुद्र तट खोलने की अनुमति दे दी है जबकि दूसरी तरफ, हमारे देवी-देवताओं को लॉकडाउन में रहने के लिए दंडित किया गया है।”

उन्होंने आगे सीएम उद्धव से पूछा- “आप हिंदुत्व के एक मजबूत समर्थक रहे हैं। आपने मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभालने के बाद अयोध्या जाकर भगवान राम की सार्वजनिक रूप से भक्ति की वकालत की थी। आपने पंढरपुर में विठ्ठल रुक्मिणी मंदिर का दौरा किया था और आषाढ़ी एकादशी पर पूजा की थी। मुझे आश्चर्य है कि क्या आपको मंदिरों को फिर से खोलने के फैसले में बार बार देरी करने के लिए कोई दिव्य चेतावनी मिल रही है या आप अचानक ‘धर्मनिरपेक्ष’ बन गए हैं, एक ऐसा शब्द जिससे आपको नफरत थी?”

बता दें कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने राज्य में बढ़ती कोरोना संक्रमितों की संख्या को देखते हुए राज्य में 31 अक्टूबर तक के लिए लॉकडाउन बढ़ा दिया है। हालांकि राज्य सरकार द्वारा ‘मिशन स्टार्ट अगेन’ के तहत अनलॉक 5 को लेकर दिशानिर्देश भी जारी किए गए थे।

अनलॉक 5 में, राज्य सरकार ने होटल, रेस्तरां, फूड कोर्ट और बार को पांच अक्टूबर से अधिकतम 50% क्षमता के साथ अपने डाइन-इन सेवाओं को फिर से शुरू करने की अनुमति दी थी। हालांकि इन सब के बावजूद, ठाकरे सरकार ने राज्य में धार्मिक स्थलों को भक्तों को खोलने के लिए अनुमति नहीं दी।

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