‘बंगाल में हालिया घटनाक्रम देखते हुए राष्ट्रपति शासन लगाया जाना चाहिए’: केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो

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केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने रविवार को कहा कि पश्चिम बंगाल में अल-कायदा के संदिग्धों की गिरफ्तारी से लेकर एक सिख व्यक्ति और उसकी पगड़ी से जुड़े विवाद तक हुए हालिया घटनाक्रम दिखाते हैं कि ‘राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की सख्त जरूरत है।’ आसनसोल से सांसद ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर पश्चिम बंगाल में ‘विपक्षी दलों को दबाने’ का आरोप लगाते हुए कहा कि ‘शायद वह ज़मीनी स्तर पर अपने संघर्ष को भूल गयी हैं।’

मंत्री ने दावा किया कि पुलिस ने गुरुवार को बीजेपी की रैली के दौरान, ‘योजनाबद्ध तरीके से’ सिख समुदाय के एक सदस्य को अलग करते हुए उनके साथ मारपीट की और उनकी पगड़ी खींच दी।

उनके मुताबिक, ‘‘सिख समुदाय के सदस्य पर हमले से लेकर, अल-कायदा सदस्यों की गिरफ्तारी और मनीष शुक्ला और अन्य राजनीतिक विरोधियों की हत्या तक के घटनाक्रम दिखाते हैं कि पश्चिम बंगाल में अनुच्छेद 365 लागू किए जाने की जरुरत है।’’

बता दें कि पश्चिम बंगाल के हावड़ा में शुक्रवार को बीजेपी की रैली के दौरान पुलिस द्वारा एक सिख पुरुष के साथ कथित तौर पर मारपीट करने और उसकी पगड़ी खींचने पर एक बड़ा विवाद छिड़ गया है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि ‘सिख अपने साथ एक पिस्टल ले जा रहा था और उसे छीनने के दौरान पगड़ी अपने आप गिर गई।’

बीजेपी ने सीएम ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस सरकार पर सिखों की भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाया है।

घटना के दृश्य वायरल होने के बाद, पश्चिम बंगाल पुलिस ने शुक्रवार को ट्वीट किया, “संबंधित व्यक्ति कल के प्रदर्शन में पिस्टल ले जा रहा था। तभी हाथापाई के दौरान पगड़ी अपने आप गिर गई। हमारा कभी भी किसी समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का इरादा नहीं था।”

‘बाबुल राजनीति में नौसिखिया हैं’

केंद्रीय मंत्री के बयान पर पलटवार करते हुए, टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने कहा कि सुप्रियो नौसिखिया हैं और उन्हें उन परिस्थितियों की जानकारी नहीं है जिनमें राष्ट्रपति शासन लगाया जाता है। उन्होंने कहा- “बाबुल राजनीति में एक नवागंतुक हैं, कुछ साल पहले ही बीजेपी में शामिल हुए हैं। उन्हें नहीं पता कि वे क्या कहते हैं। उन्हें नहीं पता कि अनुच्छेद 365 को लागू करने से पहले, अनुच्छेद 355 के तहत केंद्र द्वारा एक सलाह जारी की जाती है।”

ग़ौरतलब है कि बीजेपी नेता मनीष शुक्ला की इस महीने की शुरुआत में टीटागढ़ में बंदूकधारी हमलावरों द्वारा गोली मारकर हत्या कर दी गई जिसके बाद बीजेपी ने पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ टीएमसी पर हत्या का आरोप लगाया है। वही सितंबर में, अल-कायदा से जुड़े छह लोगों को NIA ने मुर्शिदाबाद जिले में गिरफ्तार किया था।

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