‘फेक भाभी’ का कॉन्ग्रेस कनेक्शन सामने आते ही बदले बयान, पहले बताया था बहन,अब बनी अनजान

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हाथरस मामले में कथित ‘फेक भाभी’ के कथित नक्सल कनेक्शन और मार्क्सवादी कनेक्शन के बाद सोशल मीडिया पर अब इसके कॉन्ग्रेसी सम्बन्ध चर्चा का विषय हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में इस महिला के बारे में दावा किया जा रहा था कि वह पीड़ित परिवारवालों के घर में मृतका की फेक भाभी बन कर रह रही थी।

यह भी माना जा रहा है कि यह महिला मीडिया और पीड़ित परिवार से मिलने आ रहे राजनीतिक दलों से क्या और कैसे कहना है, इस बारे में परिजनों को सीखाने का काम करती थी। हाथरस में पीड़िता के घर में ‘नकली भाभी’ बनकर रहने की आरोपित डॉ राजकुमारी बंसल अब लगातार अपने बयान भी बदल रही हैं और पीड़िता की भाभी या बहन होने से भी इंकार कर रही हैं। वहीं ट्विटर यूज़र्स ने कथित नक्सली महिला का कनेक्शन कॉन्ग्रेस से भी होने का दावा किया है।

दक्षिणपंथी लेखिका शेफाली वैद्य ने अपने ट्विटर एकाउंट से मध्यप्रदेश जबलपुर की रहने वाली कथित नक्सली महिला के नाम से एक ट्विटर एकाउंट खोज निकाला है। उन्होंने दावा किया है कि यह एकाउंट हाथरस पीड़ित परिजनों के साथ पीड़िता के मरने के बाद रह रही कथित नक्सली महिला का ही है।

शेफाली वैद्य ने डॉ. राजकुमारी बंसल नाम से एक ट्विटर एकाउंट का स्क्रीनशॉट शेयर किया है। बता दें कि पीड़िता की भाभी ने भी अपने एक बयान में उनके घर में 2 सप्ताह से रह रही कथित नक्सली महिला का नाम भी राजकुमारी ही बताया है।

पोस्ट किए गए स्क्रीनशॉट में शेफाली ने कई खुलासे भी किए है। इस महिला का नाम डॉक्टर राजकुमारी बंसल बताया जा रहा है जो कि जबलपुर, मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं। उन्होंने ट्विटर पर एक ट्वीट भी किया है जिसमें लिखा है – #कास्ट मैटर्स

अपने पोस्ट में शेफाली ने कॉन्ग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए हाथरस घटना के पीछे राहुल गाँधी और प्रियंका द्वारा रची गई साजिश की ओर इशारा किया है। शेयर किए गए स्क्रीनशॉट में ट्विटर यूजर ने बताया कि राजकुमारी बंसल कॉन्ग्रेस समर्थक है, जो कि उनके ट्विटर अकाउंट से भी पता चलता है। राजकुमारी कॉन्ग्रेस के आधिकारिक ट्विटर एकाउंट को फॉलो करती है, इतना ही नहीं उन्होंने राहुल गाँधी के ट्वीट्स को भी रिट्वीट किया है।

वहीं, एक अन्य ट्विटर यूजर अंकुर सिंह ने भी यही दावा किया है। अंकुर ने एक ट्वीट करते हुए लिखा, “हाथरस में रह रही नकली भाभी मध्यप्रदेश जबलपुर की रहने वाली डॉ. राजकुमारी बंसल है। आपको क्या लगता है कि किसी को एमपी से हाथरस क्यों भेजा गया? क्या उसे पीड़ित परिवार को यह सीखने के लिए भेजा गया था कि उन्हें क्या बोलना है या किसी भी सबूत को कैसे पेश करना है? फेक भाभी राहुल गाँधी और कॉन्ग्रेस को ट्विटर पर फॉलो करती हैं।” वहीं अंकुर ने एक फेसबुक एकाउंट भी शेयर किया है जिसे उन्होंने कथित नक्सली महिला राजकुमारी का होने का दावा किया है।

राजकुमारी बंसल फॉरेंसिक एक्सपर्ट की हैसियत से गई थी हाथरस

कॉन्ग्रेस समर्थक होने का खुलासा होने के बाद राजकुमारी बंसल का एक और वीडियो सामने आया है। राजकुमारी बंसल नाम की इस महिला ने स्वीकार किया है कि वह हाथरस पीड़ित परिवार के बीच गई थी। उन्हें इस वीडियो में यह कहते हुए सुना जा सकता है कि वह फॉरेंसिक एक्सपर्ट हैं और इस सम्बन्ध में ही ‘कुछ मदद’ करने के लिए ही वो हाथरस गई थी।

पहले कहा था ‘बहन हूँ’, अब बदले बयान

राजुकमारी बंसल अब लगातार बयान भी बदल रही हैं। हाथरस में पीड़ित परिवार के साथ बैठकर एक टीवी चैनल के साथ बातचीत में राजकुमारी बंसल ने कुछ ही दिन पहले कहा था कि वह उनकी बहन हैं जबकि अब नए बयान में उन्होंने कहा है कि उन्होंने कभी भी खुद को परिवार का सदस्य नहीं बताया।

गौरतलब है कि ‘न्यूज़ 18’ ने अपने एक रिपोर्ट में खुलासा किया था कि एक महिला पीड़ित परिवार में मृतका की ‘भाभी’ बन कर रह रही थी और परिवार की तरफ से बयान भी दे रही थी। इसके बाद से हाथरस मामले का नक्सली कनेक्शन सामने आ रहा है। बताया जा रहा है कि उक्त ‘भाभी’ सितम्बर 16 से 22 तारीख तक परिवार के साथ रही और इस दौरान अपने नक्सली आकाओं से भी संपर्क में थी।

हालाँकि, अन्य सूत्रों का कहना है कि वो काफी समय से पीड़ित परिवार के साथ रह रही थी। कहा जा रहा है कि वो घटना के दो दिन बाद ही पीड़ित परिवार के साथ रहने आ गई थी।

वहीं अब पीड़िता की असली भाभी की एक वीडियो सामने आया है, जिसमें उन्होंने दावा किया है कि सवालों के घेरे में आई महिला कोई फर्जी नहीं बल्कि उनकी दूर की रिश्तेदार थी। घूँघट में अपना चेहरा ढके और हाथ में एक बच्चा लिए पीड़िता की असली भाभी ने कहा, “उनका (संदिग्ध नक्सली) नाम राजकुमारी है। उनका एक 10 साल का बेटा है। उनका पति और एक परिवार है। ऐसा कुछ नहीं है (जो मीडिया में बताया जा रहा है)।”

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