रिपब्लिक भारत (अर्नव) के समर्थन में उतरे सोशल मीडिया यूजर्स, मांगा परम बीर सिंह का इस्तीफ़ा

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मुंबई पुलिस कमिश्नर परम बीर सिंह द्वारा रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क पर आरोप लगाने के बाद, चैनल ने गुरुवार को हंसा रिसर्च ग्रुप प्राइवेट लिमिटेड के डिप्टी जनरल मैनेजर नितिन देवकर द्वारा दायर FIR को एक्सेस किया है। ये कंपनी ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (BARC) के बार-ओ-मीटर को स्थापित करने और उसके संचालन के लिए जिम्मेदार है। मुंबई पुलिस द्वारा गिरफ्तार हंसा रिसर्च ग्रुप प्राइवेट लिमिटेड के रिलेशनशिप मैनेजर विशाल भंडारी ने खुलासा किया है कि इंडिया टुडे और अन्य चैनलों ने उन्हें घरों में पैनल लगाने के लिए पैसों की पेशकश की थी।

इसके बाद ये बात साबित होती है कि मुंबई पुलिस कमिश्नर परम बीर सिंह ने जिस FIR के आधार पर रिपब्लिक टीवी को फंसाने की कोशिश की थी, उसमें इंडिया टुडे का नाम सामने आया है। अब मुंबई के पुलिस कमिश्नर लोगों के निशाने पर आ गए हैं। दरअसल सोशल मीडिया पर लोगों ने रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क का समर्थन करते हुए परम बीर सिंह से इस्तीफ़ा मांगा है।

 

रिपब्लिक ने एक्सेस की FIR की कॉपी

रिपब्लिक टीवी द्वारा एक्सेस की गई FIR की कॉपी में इंडिया टुडे का नाम तीन बार आया है जबकि रिपब्लिक का नाम एक बार भी नहीं आया। विशाल भंडारी ने खुलासा किया है कि इंडिया टुडे और अन्य चैनलों ने उन्हें घरों में पैनल लगाने के लिए पैसे की पेशकश की। इसके अलावा, उन्होंने खुलासा किया कि विनय नामक व्यक्ति ने भंडारी से नवंबर 2019 में 5 घरों का रुख करने के लिए कहा और उन्हें 2 घंटे रोजाना इंडिया टुडे देखने को कहा।

BARC विजिलेंस टीम को भंडारी के खुद के कबूलनामे के अनुसार, विनय ने उन्हें 5 पैनल घरों के बीच 1000 रुपये बांटने के लिए कमीशन के रूप में 5000 रुपये दिए थे। BARC द्वारा एक ऑडिट जांच में पुष्टि हुई कि 5 घरों को वास्तव में नवंबर 2019 से मई 2020 तक कम से कम दो घंटे रोजाना इंडिया टुडे देखने के लिए रिश्वत दी गई थी। परम बीर सिंह ने कहा है कि इस केस में मुंबई पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

अर्नब का बयान

रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी ने भी गुरुवार को मुंबई के कमिश्नर के इस्तीफ़े की मांग की है। उन्होंने कहा-

“मुंबई पुलिस कमिश्नर पूरी तरह से एक्सपोज हो गए हैं। टीआरपी मामले में FIR की एक कॉपी में इंडिया टुडे का ऐसे चैनल के रूप में उल्लेख किया गया है जिसकी जांच की जानी चाहिए। बल्कि इंडिया टुडे का FIR में कई बार उल्लेख किया गया है। रिपब्लिक टीवी का एक बार भी उल्लेख नहीं है। अब, मामले में मुख्य गवाह ने इंडिया टुडे का ऐसे इंग्लिश चैनल के रूप में नाम दिया है, जिसके लिए कथित रूप से दर्शकों की संख्या हासिल करने के लिए पैसे दिए गए थे। इंडिया टुडे के खिलाफ शिकायत 6 अक्टूबर को की गई थी। परम बीर सिंह ने 16 घंटे के भीतर इंडिया टुडे के खिलाफ जांच बंद कर दी और रिपब्लिक टीवी के खिलाफ प्रेस कॉन्फ़्रेंस की। अब चूंकि FIR सामने आ गई है और महत्वपूर्ण गवाह रिकॉर्ड में है और मुंबई पुलिस कमिश्नर को रंगे हाथों पकड़ लिया गया है, उन्हें नैतिकता के हित में इस्तीफ़ा दे देना चाहिए।”

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