रिपब्लिक को दबाने की कोशिश; मुंबई पुलिस ने भेजा पत्रकार को समन,अर्नव ने मांगा लोगों से समर्थन

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मुंबई पुलिस द्वारा लगातार रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क की आवाज़ को दबाने की कोशिश की जा रही है। उसने अब रिपब्लिक के कंसल्टिंग एडिटर और रिपोर्टर प्रदीप भंडारी को समन भेजा है जो शुरूआत से सुशांत सिंह राजपूत मामले की रिपोर्टिंग का नेतृत्व करते आए हैं।

बता दें कि इससे एक दिन पहले ही मुंबई पुलिस कमिश्नर परम बीर सिंह ने कथित TRP स्कैम में रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क को फंसाने की कोशिश की थी जो असफल हुई। रिपब्लिक ने हंसा रिसर्च ग्रुप प्राइवेट लिमिटेड के डिप्टी जनरल मैनेजर नितिन देवकर द्वारा दायर FIR को एक्सेस किया जिससे खुलासा हुआ कि FIR में रिपब्लिक का नहीं बल्कि इंडिया टुडे का उल्लेख किया गया है। परम बीर सिंह के रंगें हाथों पकड़े जाने के बाद, सोशल मीडिया पर लोगों ने रिपब्लिक को समर्थन दिया है और मुंबई पुलिस कमिश्नर से इस्तीफ़ा मांगा है।

प्रदीप भंडारी ने खुलासा किया है कि उन्हें खार के पुलिस स्टेशन आने के लिए कहा गया है और वह पूछताछ के लिए जाने से पहले आधिकारिक समन का इंतजार कर रहे हैं।

 

TRP हेरफेर मामले की FIR और इंडिया टुडे का नाम

रिपब्लिक टीवी ने हंसा रिसर्च ग्रुप प्राइवेट लिमिटेड के डिप्टी जनरल मैनेजर नितिन देवकर द्वारा दायर FIR को एक्सेस किया है। ये कंपनी ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (BARC) के बार-ओ-मीटर को स्थापित करने और उसके संचालन के लिए जिम्मेदार है। मुंबई पुलिस द्वारा गिरफ्तार हंसा रिसर्च ग्रुप प्राइवेट लिमिटेड के रिलेशनशिप मैनेजर विशाल भंडारी ने खुलासा किया है कि इंडिया टुडे और अन्य चैनलों ने उन्हें घरों में पैनल लगाने के लिए पैसे की पेशकश की। इसके अलावा, उन्होंने खुलासा किया कि विनय नामक व्यक्ति ने भंडारी से नवंबर 2019 में 5 घरों का रुख करने के लिए कहा और उन्हें 2 घंटे रोजाना इंडिया टुडे देखने को कहा।

BARC विजिलेंस टीम के सामने भंडारी द्वारा दिए गए बयान के अनुसार, विनय ने उन्हें 5 पैनल घरों के बीच 1000 रुपये बांटने के लिए कमीशन के रूप में 5000 रुपये दिए थे। BARC द्वारा एक ऑडिट जांच में पुष्टि हुई कि 5 घरों को वास्तव में नवंबर 2019 से मई 2020 तक कम से कम दो घंटे रोजाना इंडिया टुडे देखने के लिए रिश्वत दी गई थी।

इसके बाद ये बात साबित होती है कि मुंबई पुलिस कमिश्नर परम बीर सिंह ने जिस FIR के आधार पर रिपब्लिक टीवी पर झूठा आरोप लगाने के लिए प्रेस कॉन्फ़्रेंस की थी, दरअसल उस FIR में इंडिया टुडे का नाम सामने आया है।

अर्नब गोस्वामी का बयान

”मुंबई पुलिस कमिश्नर परम बीर सिंह ने रिपब्लिक टीवी के खिलाफ झूठे आरोप लगाए, क्योंकि हमने उन पर सुशांत सिंह राजपूत केस की जांच को लेकर सवाल उठाए। रिपब्लिक टीवी मुंबई पुलिस कमिश्नर परम बीर सिंह के खिलाफ मानहानि का केस दर्ज कराएगा। BARC ने ऐसी एक भी रिपोर्ट नहीं दी है, जिसमें रिपब्लिक टीवी का नाम हो। देश की जनता सच जानती है। सुशांत सिंह राजपूत केस में परम बीर सिंह की जांच संदेह के घेरे में है इसलिए वो बौखलाए हुए हैं क्योंकि रिपब्लिक टीवी ने सुशांत सिंह राजपूत और पालघर केस में देश को सच दिखाया। बदले की ऐसी कार्रवाई से रिपब्लिक टीवी का एक-एक सदस्य सच्चाई के पीछे और मजबूती से खड़ा होगा। परम बीर सिंह का पूरी तरह से पर्दाफाश हो गया क्योंकि बार्क ने अपनी किसी शिकायत में रिपब्लिक टीवी का नाम नहीं लिया है। परम बीर सिंह को आधिकारिक रूप से माफी मांगनी चाहिए और कोर्ट में कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहना चाहिए।”

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