‘दंगा तो कोई नहीं रोक पाएगा, हमारी पूरी तैयारी है’: हाथरस मामले में कॉन्ग्रेस नेता का वीडियो वायरल

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अर्नब गोस्वामी की ‘रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क’ के एक स्टिंग ऑपरेशन में हाथरस मामले को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। मामले का राजनीतिकरण कर के हाथरस को लेकर पूरे उत्तर प्रदेश में दंगे भड़काने की साजिश थी, ऐसा पता चला है। ‘रिपब्लिक’ के इस स्टिंग में कॉन्ग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री श्योराज जीवन दंगे की साजिश रचते हुए दिखाई पड़ रहे हैं। इससे हाथरस केस में नया एंगल आने की सम्भावना है।

इस वीडियो में कॉन्ग्रेस नेता श्योराज जीवन वाल्मीकि कहते दिख रहे हैं, “दंगा तो कोई भी रोक नहीं पाएगा, जो स्थिति बनती जा रही है। वाल्मीकि समाज ही मार्शल कौम है। हमलोगों को आप गाँव में मार सकते हैं। बहुत काट दिए जाएँगे, बहुत मार दिए जाएँगे। शहर में हमलोग अच्छी-खासी तादाद में हैं। तैयारी पूरी है। इसके लिए हम पूरे तरीके से लगे हुए हैं।” बताया जा रहा है कि उक्त नेता कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी का करीबी है।

‘रिपब्लिक’ के अनुसार, श्योराज जीवन ने ये भी खुलासा किया कि हाथरस में जाति के नाम पर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है और पीड़ित परिवार पर दबाव बनाया जा रहा है। चैनल का कहना है कि ये वीडियो इस बात का पक्का सबूत है और ये इस केस का सबसे बड़ा कबूलनामा है। वीडियो में कॉन्ग्रेस नेता कहते हैं, “ये केस नहीं दबेगा। मैं इस मामले में 4 दिन बाद पड़ा था। परिवार हताश हो गया था।“

कॉन्ग्रेस नेता ने बताया कि जब उन्हें पता चला तो वो पीड़ित परिवार से मिलने के लिए गए। उन्होंने कहा, “बच्ची को देख कर कोई बर्दाश्त नहीं कर सकता था। फिर मैंने उग्र रूप ले लिया।” चैनल का दावा है कि हाथरस में तनाव बढ़ाने के कॉन्ग्रेस नेता श्योराज जीवन खुद मैदान में उतर गए। राहुल गाँधी भी हाथरस पहुँचे तो उनसे उन्होंने मुलाकात की, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। श्योराज जीवन को उत्तर प्रदेश में कॉन्ग्रेस के दलित चेहरों में से एक माना जाता है। स्टिंग वाले वीडियो में वो कहते हैं,

“लड़की को जला दिया गया। माँ-बाप को उसके दर्शन भी नहीं करने दिए गए। मुझे उस दिन गिरफ्तार किया गया। मैं अलीगढ़ का बब्बर शेर हूँ। 29 सितम्बर को जब मुझे पता चला तो मैंने हजारों लोगों के साथ धरना दिया। हमने तोड़फोड़ भी की। मुकदमा भी दर्ज हुआ। मैं पार्टी का राष्ट्रीय सचिव रहा हूँ। मुझे दिल्ली से भी फोन आए। दिल्ली में जो लोग बैठे हुए हैं, वो मेरे ही तो साथी हैं। सारे क्रन्तिकारी लोग मेरे साथ हैं।”

जाँच एजेंसियों की पड़ताल में यह बात भी सामने आई कि विरोध-प्रदर्शन की आड़ में रातों रात ‘जस्टिस फॉर हाथरस (Justice for hathras)’ नाम की वेबसाइट बनाई गई। इस वेबसाइट का इकलौता उद्देश्य था, उत्तर प्रदेश को दंगों की आग में झोंक देना। इस वेबसाइट को इस्लामी देशों द्वारा समर्थित कट्टरपंथी संगठन, एमनेस्टी इंटरनेशनल से फंडिंग मिलती थी। यह वेबसाइट बहुसंख्यक समुदाय में असंतोष पैदा करने, योगी और मोदी सरकार को कमज़ोर करने का प्रयास कर रही थी।

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